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13 मिनट पहलेलेखक: किरण जैन

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तबला उस्ताद जाकिर हुसैन, जो अपनी शानदार परफॉर्मेंस के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं, ने हाल ही में अपनी खराब सेहत के कारण अपना टूर रद्द किया। इस बारे में उनके भाई तौफिक कुरैशी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि जाकिर फिलहाल अमेरिका में हैं और पूरी तरह आराम कर रहे हैं।

ब्लड प्रेशर थोड़ा बढ़ गया था: तौफिक कुरैशी, जाकिर के भाई

तौफिक कुरैशी ने कहा, ‘दरअसल, जाकिर भाई बहुत थक गए थे। वह बहुत ज्यादा टूरिंग कर रहे थे, जिससे वह थकावट महसूस कर रहे थे। इसके बाद डॉक्टर ने उन्हें कुछ दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती किया था। उनका ब्लड प्रेशर थोड़ा बढ़ गया था, जो एक सामान्य बात है, क्योंकि कई लोगों को ऐसा होता है।’

उन्होंने आगे बताया, ‘इसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई और वह अमेरिका में अपने घर पर आराम कर रहे हैं। बाद में जब थोड़ी असहजता महसूस हुई, तो उन्हें कुछ और दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था। लेकिन अब वह ठीक हैं और कोई गंभीर समस्या नहीं है। अभी वे अमेरिका में ही हैं।’

जाकिर हुसैन के शो रद्द, 2025 में नए तारीखों पर होंगे

1 नवंबर 2024 को जाकिर हुसैन का राहुल शर्मा के साथ पलाडियम में होने वाला शो सेहत की वजह से टाल दिया गया। इस शो के टिकट 2025 में नए दिन पर मान्य होंगे।

8 दिसंबर 2024 को ठाणे में उनका शो कुछ कारणों से रद्द किया गया और टिकट का पैसा बुक माई शो से वापस किया गया। इसके अलावा, जनवरी 2025 में जाकिर हुसैन बेंगलुरू, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली में अपने शो करेंगे।

पिछले 40 साल से अमेरिका में रहते हैं, आज भी भारतीय पासपोर्ट रखते हैं

बता दें, जाकिर हुसैन पिछले 40 साल से अमेरिका में रहते हैं। वह सान एंसेल्मो नामक एक छोटे से शहर में रहते हैं, जो सैन फ्रांसिस्को के गोल्डन गेट ब्रिज के पास है। जाकिर हुसैन का जन्म भारत में हुआ था और उन्होंने वहीं पढ़ाई और कला की शुरुआत की।

एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, ‘भारत मेरे दिल में हमेशा खास जगह रखता है, और मैं इसे शब्दों में नहीं बयां कर सकता।’ वह आज भी अपना भारतीय पासपोर्ट रखते हैं।

जाकिर हुसैन की उपलब्धियां

तबला उस्ताद जाकिर हुसैन को भारत सरकार ने 1988 में ‘पद्मश्री’, 2002 में ‘पद्मभूषण’ और 2023 में ‘पद्मविभूषण’ से सम्मानित किया।

8 फरवरी 2009 को ग्रैमी अवार्ड्स में उन्होंने ‘ग्लोबल ड्रम प्रोजेक्ट’ एल्बम के लिए ‘ग्रैमी’ जीता। उन्हें 1990 में ‘संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार’ और 2018 में ‘संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप’ भी मिली। 1999 में अमेरिका के ‘नेशनल एंडॉवमेंट फॉर द आर्ट्स’ से ‘नेशनल हेरिटेज फेलोशिप’ प्राप्त हुआ।

अब तक जाकिर हुसैन को सात बार ‘ग्रैमी’ के लिए नॉमिनेट किया गया है, और चार बार उन्होंने यह अवार्ड जीते हैं। फरवरी 2024 में उन्हें तीन ‘ग्रैमी अवार्ड्स’ मिले।

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