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8 मिनट पहले

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15 जनवरी की रात करीब 2 बजे सैफ अली खान पर उनके घर में घुसकर हमला किया गया था। इस दौरान घर में काम करने वालीं 2 हाइसहेल्प का बड़ा योगदान रहा। सैफ के कमरे में घुसे हमलावर से सैफ-करीना के बेटे जेह को बचाते हुए एक हाउसहेल्प घायल भी हो गई थी। रिपोर्ट्स की मानें तो सैफ अली खान अपनी हाउसहेल्प को सम्मान और इनाम देंगे। इसी बीच एक्टर की बहन सबा ने उन दोनों हाउसहेल्प को अनसंग हीरो बताते हुए शुक्रिया अदा किया है।

सबा अली खान पटौदी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम के स्टोरी सेक्शन में दोनों हाउसहेल्प की तस्वीर शेयर कर लिखा है, द अनसंग हीरोज, जिन्होंने तब हौसला दिखाया, जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। आप दोनों और उन सभी को आशीर्वाद जिन्होंने मेरे भाई और उनके परिवार को सुरक्षित रखने में योगदान दिया। आप बेस्ट हैं।

सैफ की हाउसहेल्प का बयान-जेह को धमका रहा था हमलावर

पुलिस पूछताछ में सैफ अली खान पर हमला होते समय मौके पर मौजूद रहीं हाउसहेल्प अरियाना फिलिप ने बताया कि वो देर रात बच्चों के कमरे में थीं, तभी उन्हें बाथरूम के पास एक परछाई नजर आई। उन्हें लगा कि शायद करीना बच्चों को देखने आई होंगी। लेकिन दोबारा किसी व्यक्ति की मौजूदगी का एहसास होने पर वो बाथरूम तक आईं। इस समय उन्हें एक शख्स दिखा। उसने मुंह पर उंगली रखी और मुझे चुप रहने के लिए धमकाया।

जब मेड ने उस शख्स से पूछा कि उसे क्या चाहिए तो उसने कहा पैसे चाहिए। जब पूछा गया कितने, तो जवाब मिला एक करोड़। मेड के बयान के अनुसार, हमलावर सैफ-करीना के बेटे जेह उर्फ जहांगीर को भी चुप रहने के लिए धमका रहा था।

इसी बीच शोर सुनकर कमरे में दूसरी मेड आ गई। उसने शख्स को देखकर शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसे सुनकर सैफ कमरे में आए। सैफ के आने पर शख्स ने उन पर चाकू से हमला करना शुरू कर दिया। इस दौरान अरियाना फिलिप को भी हाथ में चाकू लगा था। जिस समय ये घटना हुई, उस समय करीना कपूर भी घर में ही मौजूद थीं। सैफ पर हमला होने के बाद वो शख्स भाग निकला।

घर में ड्राइवर मौजूद नहीं था तो ऑटो से अस्पताल पहुंचे सैफ

मेड अरियाना ने अपने बयान में बताया कि हमले के वक्त घर में 3 महिला और 3 पुरुष नौकर थे। हमले के बाद इब्राहिम और सारा अली खान भी उसी बिल्डिंग में आठवीं मंजिल पर ही रहते हैं। वह ऊपर आए और सैफ अली खान को लेकर ऑटो में अस्पताल गए। घर पर कोई भी ड्राइवर मौजूद नहीं था। ऑटोमैटिक इलेक्ट्रिक वाहन किसी को चलाना नहीं आता था, इसलिए ऑटो से लीलावती अस्पताल पहुंचे।

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